एकतरफा प्यार और शादी से इंकार बना घटना का कारण
🟪⏭️ हजारों मोबाइल नंबरों की जांच के बाद अज्ञात आरोपी तक पहुंची पुलिस
🔷थाना किरंदुल और साइबर सेल की संयुक्त कार्रवाई से खुला राज
🌀थाना किरंदुल क्षेत्र के ग्राम पेरपा के जंगल में युवती को अर्धनग्न अवस्था में बांधकर छोड़े जाने की गंभीर घटना के बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए अज्ञात आरोपी को चिह्नित कर गिरफ्तार कर लिया है। यह सफलता थाना किरंदुल पुलिस और साइबर सेल दंतेवाड़ा की एक महीने की संयुक्त, निरंतर और तकनीकी निगरानी के बाद संभव हो सकी।
🌀घटना के दिन पीड़िता की बोलने की स्थिति न होने, संवेदनशील स्थल और अत्यधिक वर्षा के कारण साक्ष्य नष्ट होने की आशंका के बावजूद पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, विशेषकर मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर हजारों मोबाइल नंबरों की छानबीन की। इस दौरान संदिग्ध नंबरों के धारकों से लगातार पूछताछ की गई।
🟪⏭️संदेह से गिरफ्तारी तक का सिलसिला
🌀पूछताछ के दौरान सतीष कुमार मरकाम (उम्र 21 वर्ष), निवासी ग्राम मुंडीपारा, धुरली, थाना भांसी, पर संदेह गहराता गया क्योंकि वह अपने बयान में बार-बार विरोधाभास कर रहा था। पुलिस द्वारा गहन छानबीन में यह तथ्य सामने आया कि आरोपी की पीड़िता से 2-3 वर्ष पूर्व जान-पहचान थी और उसने एकतरफा लगाव के चलते विवाह का प्रस्ताव भी दिया था, जिसे पीड़िता ने अस्वीकार कर दिया था।
🌀घटना वाले दिन, आरोपी ने पीड़िता के नियमित आवागमन वाले रास्ते में घात लगाकर झाड़ियों में छिपकर इंतज़ार किया। मौका मिलते ही धूल झोंककर, उसने जबरन पीड़िता को जंगल में ले जाकर अमानवीय व्यवहार करते हुए अर्धनग्न कर बांधकर छोड़ दिया। पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
🟪⏭️एकजुट प्रयास से मिली सफलता
🌀इस जटिल प्रकरण में थाना किरंदुल पुलिस और साइबर सेल दंतेवाड़ा की टीम लगातार एक माह तक तकनीकी निगरानी एवं फील्ड इन्वेस्टिगेशन में लगी रही। साथ ही थाना बचेली, भांसी और कोतवाली दंतेवाड़ा से भी सहायता ली गई, जिससे जांच में तेजी लाई जा सकी।
—🟪⏭️निष्कर्ष
🔷यह घटना जहां समाज के सामने गंभीर सवाल खड़े करती है, वहीं पुलिस की निरंतरता और तकनीकी दक्षता ने यह दिखाया कि कोई भी अपराधी कानून के शिकंजे से बच नहीं सकता। जिला पुलिस ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध को बिल्कुल भी सहन नहीं किया जाएगा।
